मुहब्बत क्या हैं मुझे भी बताओ

मुहब्बत क्या हैं, मुझे भी बताओ



मुहब्बत क्या हैं मुझे भी बताओ?





आओ सुनाओ
मुहब्बत क्या हैं?
मैं भी तो सुनूँ..
हम इश्क करने वाले हैं
मौत को भी गले लगा सकते हैं
जो कुछ बताना हैं
कानों में फुसफुसाओं नहीं
दिल खोलकर बताओ
मुहब्बत के बारे में
तुम मत पछताओ
क्यूँ बता दिए,
नहीं बताना था!
मैं किसी से बताएंगे नहीं
मैं भी आशिक़ हूँ
पर तुम्हारे नहीं. 
किसी ओर के
घबराओ नहीं बताओ?
मैं सुनना चाहता हूँ
कैसे होता हैं
और क्या हैं?
ये मुहब्बत की परिभाषा!
कैसे दिल जलता हैं।
कैसे जलाया जाता हैं।
सुनाओ जरा!!!



लेखक- मनोज कुमार
पता: पूरब पुरवा बेलसर ब्लाक जिला गोंडा (यूपी)
Email: manojkumar830070@gmail.com







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