प्रेम के बिना जीना मुश्किल
प्रेम के बिना जीना मुश्किल (निबंध) संसार में कोई इन्सान अधूरा नहीं हैं। हर कोई किसी ना किसी से प्रेम करता हैं। चाहे वो प्रकृति से सम्बंधित हो या मानव से अकेला रह ही नहीं सकता हैं। एक उदाहरण के तौर बता रहे हैं- जैसे फूल हैं कि भ्रमर के बिन अधूरा रह नहीं सकता हैं। उसी प्रकार हर मानव प्रेम न करना अधूरा सा लगता हैं। हर इंसान प्रेम करता हैं किसी न किसी से प्रेम ही एक ऐसा शब्द हैं जोकि मानव से लेकर ईश्वर तक को झुका देता हैं। प्रेम के बिन अधूरा ही जीवन हैं। अपने शरीर पर श्रृंगार के आभूषण धारण कर लो अगर प्रेम का आभूषण धारण न करो तो सम्पूर्ण शरीर सूना सा लगता हैं। प्रेम में तो भगवान कृष्ण स्वयं समावेश हो गए थे। हम तो सिर्फ़ तुच्छ मानवरूपी मूर्ति हैं। जोकि प्रथ्वी पर बहुत से अच्छे और बुरे कार्य करते आ रहे हैं। हमें क्यों नहीं धारण करना चाहिए। ईश्वर का दिया हुआ प्रेम एक आभूषण ही समझों वो सबके पास ही रहता हैं। हां जिनके पास प्रेमरूपी आभूषण नहीं हैं तो वो मानव के शरीर में भगवान का वास नहीं के बराबर हैं। क्योंकि जहां प्रेम या फिर कह लीजिए प्यार वहां ईश्वर हैं। अगर इन्स...